अवैध अतिक्रमण
सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि आम बगान मैदान, जिसका नामकरण कुछ वर्ष पहले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आम बगान मैदान के रूप में किया गया है, की अहमियत से आप भलीभांति अवगत है। यह सार्वजनिक स्थल संप्रति दुर्दशा का शिकार है। इसमें बसों एवं वाहनों की पार्किंग हो रही है। इसका बड़ा भाग पुराने वाहनों के कबाड़ स्थल में तब्दील हो गया है। किनारे से इसका अवैध अतिक्रमण हो रहा है।
सौंदर्यीकरण का कार्य
पत्र के अनुसार, मैदान के एक भाग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का छोटा सा स्मारक स्थल है जहां उनकी प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय विधायक के नाते पूर्व में उन्होंने प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण कराया था और प्रतिमा के उपर छतरी का निर्माण कराया था। पुनः इस क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद प्रतिमा स्थल की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य उनकी विधायक निधि से हो रहा है।
जमशेदपुर के गौरव स्थल के रूप में विकसित
पत्र के अनुसार, इस क्रम में वहां जाना हुआ तो मैदान की दुर्दशा देखकर अत्यंत मानसिक क्लेश हुआ। पूर्ववर्ती विधायक अवधि में इस मैदान को सुरक्षित रखने के लिए तत्कालीन जुस्को ने मैदान की बाउंड्री खड़ी करने का काम 2016-17 के आसपास आरम्भ किया था। कार्य में पर्याप्त प्रगति हुई परंतु कतिपय निहित स्वार्थी समूहों के अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण काम बीच में रूक गया तो रूक ही गया। मैदान की स्थिति दिनानुदिन बद से बदतर होते जा रही है। इसे सुधारने और नेताजी की स्मृति में जमशेदपुर के गौरव स्थल के रूप में विकसित करना अपरिहार्य प्रतीत हो रहा है।
सरयू राय ने लिखा
सरयू राय ने लिखा कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्म जयंती है। इस अवसर पर मैदान को सोद्देश्य विकसित करने का कार्य आरंभ करने और एक समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्णय की घोषणा करने का आग्रह वह करते हैं।