Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 6:18 बजे तक रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। इसी कारण आज ही आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत रखा जा रहा है। सोमवार होने के कारण कोकिला व्रत का भी विशेष संयोग बना है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से इस व्रत को करने से सुख, समृद्धि और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
राहुकाल और भद्रा का रखें विशेष ध्यान, शुभ कार्यों के लिए जानें सही समय
आज विष्कुम्भ योग रात 11:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा। वणिज करण शाम 6:18 बजे तक रहेगा, जबकि इसके बाद विष्टि (भद्रा) पूरी रात रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक और अमृत काल सुबह 7:50 बजे से 9:37 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 3:51 बजे से शाम 5:33 बजे तक, गुलिकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:09 बजे तक और यमगण्ड सुबह 9:04 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 5:40 बजे और सूर्यास्त शाम 7:15 बजे होगा।
कर्क राशि में सूर्य, रात 7:49 बजे के बाद चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेगा
आज सूर्य देव कर्क राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा रात 7:49 बजे तक धनु राशि में रहकर इसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पूर्वाषाढ़ नक्षत्र दोपहर 1:11 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के स्वामी शुक्रदेव और देवता “आप” (जल देवता) हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को आत्मविश्वासी, साहसी, बुद्धिमान, लोकप्रिय और ईमानदार माना जाता है, हालांकि कभी-कभी उनमें अहंकार और अधिक खर्च करने की प्रवृत्ति भी देखी जाती है।
कोकिला व्रत का महत्व
हिंदू परंपरा में कोकिला व्रत आषाढ़ पूर्णिमा के दिन रखा जाता है। उत्तर भारत में इसे अधिकतर उन वर्षों में विशेष रूप से मनाया जाता है, जब आषाढ़ का अधिक मास पड़ता है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में यह व्रत हर वर्ष नियमित रूप से किया जाता है। इस बार कोकिला व्रत की प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:15 बजे से रात 9:20 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत से वैवाहिक सुख, समृद्धि, आत्मबल और परिवार में मंगल की प्राप्ति होती है।