Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज, 26 जुलाई 2026 (रविवार) को रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है तथा पितृ दोष और सूर्य से जुड़े दोषों से राहत मिलती है। आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी दोपहर 1:57 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:16 बजे से रात 9:21 बजे तक रहेगा। सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा सुबह 7:34 बजे तक वृश्चिक, इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र
आज इन्द्र योग रात 10:05 बजे तक रहेगा, इसके बाद वैधृति योग प्रारंभ होगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक और अमृत काल 27 जुलाई तड़के 3:18 बजे से सुबह 5:05 बजे तक रहेगा। वहीं अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल शाम 5:34 बजे से 7:16 बजे तक, गुलिकाल दोपहर 3:52 बजे से 5:34 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 5:39 बजे और सूर्यास्त 7:16 बजे होगा।
ज्येष्ठ के बाद मूल नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा सुबह 7:34 बजे तक ज्येष्ठ नक्षत्र में रहेंगे, जिसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। ज्येष्ठ नक्षत्र के स्वामी बुध और राशि स्वामी मंगल माने जाते हैं, जबकि इसके देवता इंद्र हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को बुद्धिमान, साहसी, तार्किक, स्वाभिमानी और लक्ष्य के प्रति समर्पित माना जाता है। आज बालव और कौलव करण का भी संयोग रहेगा, जो कई धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
रवि प्रदोष व्रत का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, लेकिन जब यह रविवार को पड़ता है तो इसे रवि प्रदोष कहा जाता है। इस बार त्रयोदशी तिथि 26 जुलाई दोपहर 1:57 बजे से 27 जुलाई शाम 4:14 बजे तक रहेगी और सूर्यास्त के समय त्रयोदशी होने के कारण आज ही व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से पितृ दोष, सूर्य संबंधी कष्ट और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।