Alpha Review: YRF स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म अल्फा बड़े बजट, हाई-ऑक्टेन एक्शन और मजबूत स्टारकास्ट के साथ सिनेमाघरों में पहुंची है. हालांकि शानदार विजुअल्स और कलाकारों की मेहनत के बावजूद फिल्म कमजोर कहानी और साधारण स्क्रीनप्ले के कारण उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती. IMDb पर भी फिल्म की ताजा रेटिंग 2.9 दर्ज की गई है, जो दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया को दर्शाती है.
कहानी में दम कम, एक्शन पर ज्यादा भरोसा
फिल्म की कहानी अल्फा नाम के एक गुप्त मिशन और आनुवंशिक रूप से तैयार किए गए सुपर-सैनिकों के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी में सीता की पहचान, उसके अतीत और बदलती वफादारियों को दिखाने की कोशिश की गई है, लेकिन पटकथा इन भावनात्मक पहलुओं को मजबूती से पेश नहीं कर पाती. कई मोड़ों पर घटनाक्रम पहले से अनुमानित लगते हैं और कहानी लगातार एक्शन सीक्वेंस पर निर्भर दिखाई देती है.
कलाकारों ने निभाया पूरा दम
आलिया भट्ट ने अपने किरदार के एक्शन और शारीरिक चुनौती वाले हिस्सों को प्रभावशाली ढंग से निभाया है. शरवरी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं, जबकि बॉबी देओल खलनायक के रूप में असर छोड़ते हैं. अनिल कपूर अपने सीमित लेकिन अहम रोल में संतुलित नजर आते हैं. वहीं ऋतिक रोशन का कैमियो चर्चा जरूर बटोरता है, लेकिन कहानी को नई दिशा देने में सफल नहीं हो पाता.
तकनीकी पक्ष मजबूत, लेकिन कहानी रह गई कमजोर
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, लोकेशन्स और प्रोडक्शन डिजाइन बड़े पर्दे का शानदार अनुभव देते हैं. बैकग्राउंड स्कोर कई एक्शन दृश्यों को प्रभावशाली बनाता है, हालांकि कुछ जगह यह जरूरत से ज्यादा तेज महसूस होता है. इसके बावजूद भावनात्मक गहराई की कमी, कमजोर स्क्रीनप्ले और अनुमानित क्लाइमैक्स फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरियां बनकर सामने आती हैं.
कुल मिलाकर, अल्फा एक ऐसी स्पाई एक्शन फिल्म है जो तकनीकी स्तर पर प्रभावित करती है, लेकिन मजबूत कहानी और प्रभावी लेखन के अभाव में अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर पाती. एक्शन पसंद करने वाले दर्शकों को इसके कुछ दृश्य पसंद आ सकते हैं, जबकि दमदार स्पाई थ्रिलर की उम्मीद रखने वालों को यह फिल्म निराश कर सकती है.