Chakradharpur News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर अनुमंडल क्षेत्र में मानव तस्करी और युवतियों के शोषण को लेकर चक्रधरपुर पुलिस ने बड़ी सतर्कता दिखाई। गुरुवार को बेहतर रोजगार की तलाश में निकली सात युवतियां चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। गश्त के दौरान थाना प्रभारी अवधेश कुमार को उन पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने सभी से पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आई संदिग्ध बातें, पुलिस हुई सतर्क
पूछताछ के दौरान युवतियां अपने गंतव्य, नौकरी और संपर्क करने वाले लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। उनके पास रोजगार से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी नहीं थे। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और मानव तस्करी की आशंका गहरा गई। इसके बाद थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवतियों को रोक लिया।
पुलिस ने समझाया मानव तस्करी का खतरनाक सच
थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने युवतियों को रोजगार के नाम पर होने वाले मानव तस्करी और शोषण के मामलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार दलाल भोली-भाली लड़कियों को झूठे सपने दिखाकर बाहर ले जाते हैं, जहां उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। पुलिस की बात सुनने के बाद सभी युवतियां घर लौटने के लिए तैयार हो गई।
पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर सुरक्षित गांव भेजा
चक्रधरपुर थाना पुलिस ने सभी युवतियों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए टाटा मैजिक वाहन की व्यवस्था की। साथ ही उनके परिजनों से संपर्क कर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी गई। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की इलाके में काफी सराहना हो रही है।
मानव तस्करी रोकने को लेकर आगे भी चलेगा अभियान
पश्चिमी सिंहभूम जिले से हर साल बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर जाते हैं। कई मामलों में नाबालिग लड़कियां दलालों के झांसे में आकर शोषण का शिकार हो चुकी हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर पुलिस की सतर्कता को अहम कदम माना जा रहा है। चक्रधरपुर पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जागरूकता अभियान जारी रहेगा।