Chakulia: बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में रैयतों के साथ संवाद स्थापित किया। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के लिए शुक्रवार को कई गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं।
अधिकारियों ने समझाया परियोजना का महत्व
उपायुक्त के निर्देश पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के नेतृत्व में भूरशान, खैरबनी, टोभाबनी, गौरांगपुर, मौदा और हिजली गांवों में बैठकें की गईं। इस दौरान ग्रामीणों को रेल लाइन परियोजना की आवश्यकता, उसके संभावित फायदे और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
रैयतों ने रखी अपनी शंकाएं
बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर कई सवाल और आशंकाएं सामने रखीं। अधिकारियों ने इन सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और उन्हें नियमानुसार लाभ मिलेगा।
सहमति के साथ आगे बढ़ेगा निर्माण कार्य
विस्तृत चर्चा के बाद सभी प्रभावित रैयतों ने परियोजना के लिए जमीन देने पर सहमति जता दी। इससे अब रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
ग्राम सभाओं में जिला प्रशासन के अलावा अंचल कार्यालय और रेलवे विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। साथ ही संबंधित गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी राय रखी।
परियोजना से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस रेल लाइन के बन जाने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।