Chandil: चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग की खराब हालत को लेकर जारी विरोध अब एक नए रूप में सामने आया है। क्षेत्र के युवा कलाकार सौरभ प्रामाणिक ने अपनी कला के माध्यम से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उनके द्वारा बनाया गया कार्टून सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्थानीय लोगों के आंदोलन की आवाज बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक चित्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की पीड़ा और गुस्से की अभिव्यक्ति है।
कार्टून में दिखी जनता बनाम सत्ता की तस्वीर
सौरभ के कार्टून में एक ओर मशाल लिए आक्रोशित जनता अपने अधिकारों के लिए खड़ी दिखाई गई है, तो दूसरी ओर आरामदायक कुर्सियों पर बैठे सत्ताधारी और अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधे हुए दिखाए गए हैं। चित्र के बीच में बना कैलेंडर इस बात का संकेत देता है कि जनता का धैर्य अब जवाब दे चुका है। वहीं पृष्ठभूमि में टूटी-फूटी सड़कें और उड़ती धूल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर रही हैं।
करोड़ों खर्च के बावजूद सड़क की हालत जस की तस
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चांडिल-कांड्रा मार्ग की मरम्मत के नाम पर करीब 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे हैं, धूल का गुबार उठता रहता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि इस बदहाली के कारण न सिर्फ यात्रा मुश्किल हो गई है, बल्कि धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
अल्टीमेटम खत्म, आंदोलन हुआ तेज
प्रशासन को काम शुरू करने के लिए स्थानीय लोगों की ओर से दिया गया सात दिनों का अल्टीमेटम अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है और आंदोलन ने भी तेज रूप ले लिया है। अब लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं और जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सौरभ की कला बनी जनभावना की आवाज
चैनपुर निवासी सौरभ प्रामाणिक सामाजिक मुद्दों को लेकर पहले भी अपनी कला के जरिए जागरूकता फैलाते रहे हैं। पोस्टर और व्यंग्यात्मक कार्टूनों के माध्यम से वे समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करते हैं। इस बार उनका यह कार्टून चांडिल क्षेत्र के लोगों की सामूहिक आवाज बन गया है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर काम दिखना चाहिए। अब देखना होगा कि इस कलात्मक विरोध के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।