महोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, पुलिस अधीक्षक सौरभ, देवघर नगर निगम के महापौर रवि राउत, मधुपुर नगर परिषद अध्यक्ष दरक्शां परवीन, देवघर नगर निगम उपमहापौर टीप चटर्जी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं, कलाकारों और देवघर के नागरिकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवघर की पावन धरती केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम है। यहाँ स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, जो भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, सदियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। हर वर्ष महाशिवरात्रि और श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
उन्होंने कहा कि राजकीय बैद्यनाथ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह झारखंड की समृद्ध परंपरा, कला, संगीत, लोक संस्कृति और अध्यात्म को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है। इस महोत्सव के माध्यम से लोककलाओं, परंपराओं, संगीत और नृत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
स्थानीय और लोक कलाकारों को मिलेगा मंच
उपायुक्त ने कहा कि भारत में लोक कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा रही है और इस महोत्सव के माध्यम से पारंपरिक लोक नृत्य विधाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना और लोककलाओं को बढ़ावा देना है, ताकि कलाकार अपनी कला को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकें। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार देवघर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पहले दिन कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद झारखंड की वीरता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक पाइका नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। यह एक पारंपरिक मार्शल लोकनृत्य है, जिसमें कलाकार तलवार और ढाल के साथ युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं। रंग-बिरंगे परिधानों, मोरपंखी पगड़ी और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।
इसके बाद धनंजय नारायण खवाड़े ग्रुप, संजीव परिहस्त ग्रुप, हर्षप्रीत कौर एवं ग्रुप और अंत में अजित-मनोज की भक्तिमय भजन प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में स्थानीय और राज्यस्तरीय कलाकारों के साथ-साथ बॉलीवुड कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे देवघर की सांस्कृतिक फिजा और भी रंगीन होने वाली है।