Dhanbad Big News: सरायढेला के स्टील गेट इलाके में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब झरिया विधायक रागिनी सिंह के आवास सिंह मेंशन पर अचानक तेज धमाकों की आवाज गूंजी. देर रात दो बाइक सवार बदमाशों ने आवास को निशाना बनाते हुए सुतली बम फेंक दिए और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए.
मुख्य गेट के भीतर और बाहर फेंके गए बम
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार एक बम सिंह मेंशन के मुख्य गेट के भीतर फेंका गया जबकि दूसरा गेट के बाहर पटका गया. धमाके की आवाज से आसपास के लोग घबरा गए और कुछ देर के लिए इलाके में दहशत फैल गई. सिंह मेंशन में मौजूद सुरक्षाकर्मी और स्टाफ तुरंत सतर्क हो गए और परिवार के सदस्य भी बाहर निकल आए.
सूचना मिलते ही पहुंचे सिटी और ग्रामीण एसपी
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पूरे परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी गई. सुरक्षा के लिहाज से इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और आसपास की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है.
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर बम के अवशेष जब्त किए. गेट के अंदर और बाहर से मिले टुकड़ों से यह पुष्टि हुई कि सुतली बम का इस्तेमाल किया गया था. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है जिसमें दूर से दो बाइक सवार संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं.
परिवार ने जताई अनभिज्ञता
पुलिस ने सिंह मेंशन में मौजूद संजीव सिंह से भी पूछताछ की लेकिन परिवार ने घटना को लेकर किसी भी तरह की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला किसने और किस उद्देश्य से किया.
इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
घटना के बाद समर्थकों की भीड़ भी सिंह मेंशन के बाहर जुटने लगी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया और तीन से चार दर्जन पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए.
पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा किया
सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव ने बताया कि बाइक सवार अपराधियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और सभी पहलुओं से जांच जारी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा.
यह हमला न सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के आवास पर सुरक्षा में सेंध का मामला है बल्कि क्षेत्र में बढ़ते अपराध और असुरक्षा की भावना को भी उजागर करता है. पुलिस के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि इससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.