10 करोड़ का बजट और मानसून से पहले का लक्ष्य
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं तालाबों की गहरी खुदाई, मेढ़ की मरम्मत और इनलेट-आउटलेट की सफाई। विभाग का लक्ष्य मानसून आने से पहले काम पूरा करना है ताकि बारिश के पानी का अधिकतम संचयन किया जा सके। 6 मार्च को निविदाएं डाली जाएंगी और 14 मार्च को टेंडर खोले जाएंगे।
इन प्रखंडों को मिलेगा सीधा लाभ
यह योजना मुख्य रूप से धनबाद के सात-आठ प्रमुख प्रखंडों को कवर करेगी, जहाँ सिंचाई के साधनों की कमी के कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं, बाघमारा, कलियासोल और टुंडी तोपचांची, गोविंदपुर और निरसा, पूर्वी टुंडी और बलियापुर।
खेती और पर्यावरण पर असर
वर्तमान में सिंचाई के पर्याप्त साधन न होने के कारण कई खेत सूखे रह जाते हैं। तालाबों के पुनर्जीवित होने से किसान अब सालों भर खेती कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, जल संचयन से आस-पास के कुओं और चापाकलों का जल स्तर भी बढ़ेगा, जिससे गर्मी के दिनों में होने वाली पेयजल किल्लत से भी राहत मिलेगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मानसून से पहले तालाब तैयार होने पर हम करोड़ों लीटर पानी को बर्बाद होने से बचा सकेंगे।