Entertainment: कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म “टॉक्सिक” इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. यश के जन्मदिन 9 जनवरी को रिलीज किया गया फिल्म का टीजर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, लेकिन इसी टीजर ने अब विवाद का रूप ले लिया है. टीजर को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन में कानूनी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे फिल्म से जुड़ी टीम की परेशानी बढ़ती दिख रही है.
बोल्ड दृश्यों पर जताई गई आपत्ति
टीजर में दिखाए गए कुछ बोल्ड और इंटीमेट दृश्यों को लेकर कई सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की है. खास तौर पर अभिनेत्री साशा ग्रे के साथ दिखाए गए एक सीन को आपत्तिजनक बताया गया है. आरोप है कि ये दृश्य सामाजिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ हैं और सार्वजनिक मंच पर दिखाए जाने लायक नहीं हैं.
सीबीएफसी में औपचारिक शिकायत दर्ज
कनकपुरा तालुक के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने इस मामले में सीबीएफसी चेयरमैन प्रसून जोशी को संबोधित करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि टीजर में मौजूद दृश्य अश्लील और यौन रूप से उत्तेजक हैं. शिकायतकर्ता का दावा है कि इस तरह का कंटेंट नाबालिगों और युवाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
उम्र संबंधी चेतावनी पर सवाल
शिकायत में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि टॉक्सिक का टीजर बिना किसी उम्र संबंधी चेतावनी या सर्टिफिकेशन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है. इससे बच्चे और किशोर आसानी से इस कंटेंट तक पहुंच बना रहे हैं. शिकायतकर्ता ने सिनेमेटोग्राफ एक्ट-1952 और सीबीएफसी की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा है कि टीजर और प्रमोशनल सामग्री भी नियमों के तहत आती है.
फिल्म की रिलीज को लेकर उम्मीदें
टॉक्सिक को यश के करियर की बड़ी फिल्मों में माना जा रहा है. यह फिल्म 19 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा और हुमा कुरैशी नजर आएंगी. अब सभी की नजरें सीबीएफसी और संबंधित संस्थाओं के फैसले पर टिकी हैं.
सामाजिक और कानूनी सीमाएं लगातार सवाल खड़े कर रही
टॉक्सिक का विवाद यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले टीजर और प्रमोशनल कंटेंट भी कड़ी निगरानी के दायरे में आ चुके हैं. जहां एक ओर फिल्म इंडस्ट्री नए प्रयोग और ग्लोबल अपील पर जोर दे रही है, वहीं सामाजिक और कानूनी सीमाएं लगातार सवाल खड़े कर रही हैं. आने वाले समय में यह मामला फिल्म प्रमोशन के तरीकों पर असर डाल सकता है.