Gumla: झारखंड के आदिवासी बहुल गुमला जिले की पहचान कभी युवतियों के पलायन से जुड़ी खबरों के कारण बनती थी। बेहतर रोजगार और सुरक्षित भविष्य की तलाश में यहां की कई बेटियों को घर-परिवार और गांव छोड़कर दूसरे राज्यों की ओर जाना पड़ता था। कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों और असुरक्षित माहौल का सामना भी करना पड़ता था।
लेकिन अब गुमला की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जिले में स्थापित गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज ने युवतियों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। तकनीकी शिक्षा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों ने इस क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी है।
तकनीकी शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
झारखंड सरकार की पहल पर शुरू हुए गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्राओं को विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले जहां तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब जिले की बेटियां अपने ही क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्राओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। इसी सोच के तहत संस्थान में नियमित रूप से कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
बड़ी कंपनियों की एंट्री, 150 युवतियों के चयन की प्रक्रिया
हाल ही में गुजरात की प्रतिष्ठित योकोहामा कंपन (Yokohama Company) ने गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज में कैंपस ड्राइव आयोजित की। कंपनी ने गुमला और आसपास के जिलों की करीब 150 छात्राओं के चयन की प्रक्रिया शुरू की है।
कैंपस में कंपनी प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने छात्राओं में उत्साह का माहौल बना दिया। इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया के दौरान छात्राओं के चेहरों पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि यह संस्थान की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीति का परिणाम है कि अब राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां सीधे गुमला पहुंच रही हैं।
बीते दर्द की याद, लेकिन भविष्य के लिए नया भरोसा
कई छात्राओं ने बताया कि उन्होंने अपने गांव की उन लड़कियों की संघर्ष भरी कहानियां देखी हैं, जो मजबूरी में दूसरे राज्यों में काम करने गईं। कुछ को सम्मानजनक माहौल नहीं मिला, तो कुछ को कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताना पड़ा।
आज वही बेटियां कह रही हैं कि हालात बदल रहे हैं। अब उन्हें अपने भविष्य के लिए दूर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तकनीकी शिक्षा और कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार मिल रहा है।
उनके शब्दों में बीते समय का दर्द जरूर है, लेकिन आंखों में आने वाले कल का आत्मविश्वास भी साफ दिखता है।
जिले के विकास की नई दिशा
गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज में हो रहे कैंपस प्लेसमेंट को जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि जिले से होने वाले पलायन में भी कमी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वहां की सामाजिक संरचना में तेजी से सकारात्मक बदलाव संभव है।
गुमला की यह बदलती कहानी अब पूरे झारखंड के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती जा रही है जहां शिक्षा, अवसर और संकल्प मिलकर बेटियों के सपनों को नई उड़ान दे रहे.