Hazaribagh: हजारीबाग जिले के उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से जुड़े आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को पहले से ही गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग इलाके में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ छापेमारी अभियान चलाया।
कोलियरी क्षेत्र में बड़ी घटना की थी साजिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सभी आरोपी कोलियरी क्षेत्र में दहशत फैलाने और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी।
घेराबंदी के दौरान भागने की कोशिश
पुलिस की टीम ने जब संदिग्धों की घेराबंदी की, तो एक बोलेरो वाहन में सवार आरोपी वहां से भागने लगे। पुलिस ने तुरंत पीछा शुरू किया। तेज रफ्तार में भागने के दौरान वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से इंसास राइफल, जिंदा कारतूस और अन्य हथियार बरामद किए हैं। बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि ये लोग संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे और किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे थे।
उग्रवादी संगठन से जुड़े होने की पुष्टि
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी प्रतिबंधित संगठन TSPC के सक्रिय नेटवर्क से जुड़े हुए थे। ये लोग संगठन के कमांडरों के संपर्क में रहकर इलाके में लेवी वसूली, धमकी और भय का माहौल बनाने का काम करते थे।
पुरानी घटनाओं से भी जुड़ रहे तार
पुलिस की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि इन अपराधियों का संबंध रामगढ़ जिले के पतरातु में हुई फायरिंग की घटना से भी हो सकता है। इस दिशा में पुलिस आगे की जांच कर रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका काम करने का तरीका क्या है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।