JPSC Controversy: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव और प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने JPSC को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि JPSC में गड़बड़ियों और विवादों की शुरुआत भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई थी. ऐसे में भाजपा का पारदर्शिता की बात करना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है.
ऋषिकेश सिंह ने कहा कि भाजपा शासनकाल में आयोजित पहली, दूसरी, तीसरी और छठी JPSC परीक्षाएं लगातार विवादों में रहीं. इन परीक्षाओं को लेकर गंभीर आरोप लगे, कई मामलों की अदालत में सुनवाई हुई और कई लोगों को जेल तक जाना पड़ा.
उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ. नियुक्तियों में मेरिट के बजाय सिफारिश और प्रभाव को तरजीह दी गई, जिससे युवाओं का भरोसा भर्ती प्रक्रिया से उठने लगा.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा गठबंधन सरकार ने JPSC से जुड़े मामलों को दबाने के बजाय उनकी निष्पक्ष जांच कराई है. सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता के बीच उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है. यही वजह है कि वह युवाओं की भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है. ऋषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी से पूछा कि भाजपा शासन के दौरान JPSC को लेकर बार-बार विवाद क्यों सामने आए. उन्होंने कहा कि उस समय योग्य उम्मीदवारों के साथ जो हुआ, उसका जवाब आज भी झारखंड की जनता जानना चाहती है.