Jharkhand News: राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को घेरते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर राजनीति करने से पहले विपक्ष को अपने शासनकाल के दौरान हुई परीक्षा अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2018 से 2026 के बीच कई गैर-एनडीए शासित राज्यों में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।
झारखंड समेत कई राज्यों में पेपर लीक का दावा
डॉ. वर्मा ने कहा कि झारखंड में जनवरी 2024 में जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा की तीसरी पाली का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इसके अलावा फरवरी 2025 में झारखंड बोर्ड की 10वीं कक्षा की हिंदी और विज्ञान विषय की परीक्षाएं भी पेपर लीक के कारण रद्द करनी पड़ी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, बिहार, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ऐसी घटनाएं सामने आईं।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित राहत व मुआवजा दिया जाना चाहिए।