Jamshedpur News: जमशेदपुर के गद्दी परिवार के लिए गुरुवार की रात बेहद तनावपूर्ण रही, जब परिवार के छोटे सदस्य आरिश गद्दी के लापता होने की खबर आई. मोहम्मद फरीद गद्दी ने बताया कि उनके छोटे भाई का बेटा आरिश को मुर्शिदाबाद के एक मिस्त्री और उसके बेटे ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था. जैसे ही घटना की जानकारी बिष्टुपुर थाना को दी गई, थाना प्रभारी तुरंत हरकत में आए और मुर्शिदाबाद के बेलागंज थाना प्रभारी से संपर्क स्थापित किया.
प्रशासन की सक्रियता के चलते अपहर्ताओं ने बच्चे को बेलागंज क्षेत्र में ही छोड़ दिया. रात करीब साढ़े तीन बजे, स्थानीय लोगों की सूचना पर बेलागंज थाना प्रभारी ने आरिश को सुरक्षित बरामद कर लिया. जमशेदपुर पुलिस ने तत्काल जानकारी दी और परिवार ने राहत की सांस ली.

फरीद गद्दी ने बताया कि अभिन सेठ, जो उनके भाई के साथ आठ साल से काम कर रहा था और मजदूरों की देखरेख करता था, इस मामले में शक के घेरे में शामिल था. कुछ पैसों के लेन-देन की बात सामने आई थी. लगभग 30 हजार रुपये चाईबासा प्रोजेक्ट से अपहर्ता का निकल रहा था लेकिन करीब 45 हजार रुपये मेरे भाई का उससे दूसरे प्रोजेक्ट से निकल रहा था. इसलिए पैसों की बात नहीं बनती. फरीद ने साफ कहा कि इतनी छोटी रकम के लिए कोई अपहरण नहीं करता.
उनका कहना था कि मामला पैसों का कम और आपराधिक मंशा का ज्यादा लगता है. मुर्शिदाबाद पुलिस ने बताया कि अपहरणकर्ता पक्ष ने करीब 14 से 15 लाख रुपये की मांग का इशारा किया था. परिवार ने जवाब दिया कि उनका भाई ईमानदार है और किसी बड़े षड्यंत्र के तहत यह घटना हुई है.
फरीद गद्दी ने कहा, “30 हजार के लिए कोई बच्चा नहीं उठाता. शायद उन्हें लगा कि यह बिल्डर का बच्चा है, गांव ले जाकर पैसे की बड़ी मांग करेंगे. लेकिन किस्मत अच्छी रही कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की और मेरा बच्चा सुरक्षित वापस आ गया.”
उन्होंने जमशेदपुर एसएसपी, डीएसपी, बिष्टुपुर थाना प्रभारी और पूरी पुलिस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि 24 घंटे से भी कम समय में बच्चे को सकुशल लाना पुलिस की बड़ी उपलब्धि है और परिवार इसके लिए हमेशा आभारी रहेगा.
यह घटना एक उदाहरण है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और समन्वय किस तरह जीवन बचा सकता है. अब परिवार की मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई और परिवार ऐसे भयावह अनुभव से न गुजरे.