Jharkhand Excise Department: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने और विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अवैध शराब न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बनती है. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश झारखंड मंत्रालय में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए.
रिक्त पद भरने और निगरानी मजबूत करने पर जोर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं और मानव संसाधन की स्थिति का आकलन किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत रिक्तियों पर समयबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से नियमित बहाली सुनिश्चित हो. अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 583 चयनित उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त मानवबल उपलब्ध होने से विभाग की निगरानी क्षमता और योजनाओं का क्रियान्वयन दोनों मजबूत होंगे.
राजस्व बढ़ा, तकनीक के इस्तेमाल पर दिया जोर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया. वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें जुलाई 2026 के मध्य तक 1,376 करोड़ रुपये यानी 30.57 प्रतिशत राजस्व संग्रह किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने उत्पाद इकाइयों की निगरानी में आधुनिक तकनीक अपनाने, मदिरा परिवहन वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक लगाने तथा स्पिरिट की खपत और भविष्य की मांग का विस्तृत अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश भी दिया.
अवैध कारोबार पर कार्रवाई, नई नीति बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और तस्करी के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने उत्पाद विभाग के गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने की भी बात कही, ताकि रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके. इसके साथ ही राज्य में विभिन्न प्रकार की शराब विनिर्माण नीति तैयार करने और लेबल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश भी दिए, जिससे लोकप्रिय ब्रांड्स की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फिलहाल विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने, तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.