Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के खेलगांव में आयोजित पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह में स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी सरकार का केंद्र बिंदु राज्य का अंतिम व्यक्ति और सुदूरवर्ती गांव हैं. जनप्रतिनिधियों को सरकार की "आंख, नाक और कान" बताते हुए सीएम ने कहा कि झारखंड की असली प्रगति तभी संभव है जब गांव सशक्त होंगे. इस दौरान बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों के बीच 9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है.
पंचायत भवन बनेंगे डिजिटल सेवा केंद्र
ग्रामीणों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की कि अब आधार कार्ड बनाने और सुधारने की सुविधा सीधे पंचायत भवनों में उपलब्ध होगी. इससे लोगों को प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काटने और बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी. सीएम ने जोर देकर कहा कि गांव की छोटी समस्याओं, जैसे चापानल सूखने या जल संरक्षण के लिए किसी "रॉकेट साइंस" की नहीं, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और शॉकपीट जैसे व्यावहारिक समाधानों की जरूरत है.
पिछली सरकारों और महंगाई पर कड़ा प्रहार
राजनीतिक मंच से सीएम ने केंद्र और पूर्ववर्ती "डबल इंजन" सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों में लोग राशन कार्ड हाथ में लेकर भूख से मरने को मजबूर थे, जबकि उनके कार्यकाल में पिछले सात-आठ वर्षों में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई है. बढ़ती महंगाई और मजदूरों के पलायन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि देश की 80 फीसदी आबादी आज भी आर्थिक संकट से जूझ रही है, जिसके लिए ठोस और संवेदनशील नीति की आवश्यकता है.
सौर ऊर्जा और सिंचाई से बदलेगी तस्वीर
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी खाली जमीन पर सौर ऊर्जा का उत्पादन करें, जिसे सरकार स्वयं खरीदेगी. इसके साथ ही उन्होंने संताल क्षेत्र में शुरू हुए लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्यभर में सिंचाई का ऐसा नेटवर्क बिछाया जा रहा है जो किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगा. सीएम का लक्ष्य एक ऐसा प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है जहां सरकार और जनता के बीच की दूरी पूरी तरह खत्म हो जाए.