Jharkhand News: झारखंड के कुछ इलाकों को लेकर भूकंप का खतरा ज्यादा बताया गया है. वैज्ञानिकों की एक स्टडी में सामने आया है कि राज्य के कुछ जिले भूकंप के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं. इनमें साहिबगंज, गोड्डा, हजारीबाग, पलामू और दामोदर घाटी के आसपास का इलाका शामिल है. वहीं रांची को फिलहाल राहत वाले क्षेत्र में माना गया है.
किन इलाकों में ज्यादा खतरा बताया गया
स्टडी के मुताबिक पलामू, हजारीबाग, साहिबगंज और गोड्डा जिले भूकंप के मामले में ज्यादा संवेदनशील हैं. इसके अलावा दामोदर नदी घाटी के आसपास के इलाके पर भी खास नजर रखने की जरूरत बताई गई है.
ऐसा क्यों माना जा रहा है
वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों की जमीन और चट्टानों की बनावट ऐसी है, जिससे भूकंपीय हलचल का असर ज्यादा हो सकता है. कुछ जगहों पर ऐसी चट्टानें पाई जाती हैं जो गर्मी और दबाव को जल्दी पकड़ती हैं. इससे जमीन के अंदर तनाव बढ़ सकता है.
भूकंप आता कैसे है
धरती के नीचे बड़ी-बड़ी प्लेटें होती हैं. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या दबाव बनाती हैं, तो चट्टानों पर असर पड़ता है. ज्यादा दबाव होने पर चट्टानें टूटती हैं और कंपन होता है. यही कंपन भूकंप कहलाता है.
रांची को क्यों है सुरक्षित
रांची को बाकी जिलों के मुकाबले थोड़ा सुरक्षित माना गया है. इसकी वजह यहां की चट्टानों की बनावट है. जानकारों का कहना है कि छोटानागपुर का पठारी इलाका काफी मजबूत है, इसलिए यहां भूकंप के असर को कुछ हद तक कम माना जाता है.
सावधानी क्यों जरूरी है
हालांकि रांची को सुरक्षित माना गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खतरा बिल्कुल नहीं है. जिन इलाकों को संवेदनशील बताया गया है, वहां मजबूत निर्माण, सतर्कता और पहले से तैयारी जरूरी है.
झारखंड के कुछ जिलों को लेकर आई यह जानकारी लोगों को सावधान रहने का संकेत देती है. खासकर संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आम लोगों, दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है.