Jharkhand News: झारखंड में एलपीजी सप्लाई में आ रही दिक्कतों का असर अब सरकारी स्कूलों पर साफ दिखने लगा है. कई जिलों से ऐसी स्थिति सामने आ रही है, जहां मिड-डे मील योजना को सुचारु रूप से चलाना चुनौती बनता जा रहा है. इससे हजारों बच्चों के रोज मिलने वाले भोजन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
स्कूलों में खाना बनाना हुआ मुश्किल
मिड-डे मील तैयार करने के लिए एलपीजी सिलेंडर सबसे जरूरी साधन होता है, लेकिन समय पर गैस नहीं मिलने से कई स्कूलों में परेशानी खड़ी हो गई है. कुछ जगहों पर वैकल्पिक इंतजाम कर किसी तरह खाना बनाया जा रहा है, जबकि कई स्कूलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
विभाग ने एजेंसियों को दिया निर्देश
स्थिति को देखते हुए राज्य के मिड-डे मील प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को पत्र भेजकर सप्लाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. खास तौर पर स्कूलों और आवासीय संस्थानों को पहले गैस उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चों के भोजन में कोई रुकावट न आए.
क्यों अहम है मिड-डे मील योजना
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. उनके लिए मिड-डे मील केवल भोजन नहीं, बल्कि पोषण का एक अहम स्रोत होता है. ऐसे में इस योजना में थोड़ी सी भी बाधा बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों पर असर डाल सकती है.
सप्लाई चेन में दिक्कत बनी वजह
जानकारों का मानना है कि हाल के दिनों में एलपीजी की सप्लाई चेन में आई रुकावट और मांग बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सिलेंडर पहुंचने में देरी हो रही है, जिससे स्कूल सीधे प्रभावित हो रहे है.
जल्द समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो मिड-डे मील योजना पर व्यापक असर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि प्रशासन, गैस एजेंसियां और संबंधित विभाग मिलकर इस समस्या का जल्द समाधान निकालें.
बच्चों की पढ़ाई और सेहत पर नजर
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कोशिश की जा रही है कि स्कूलों में भोजन व्यवस्था सामान्य बनी रहे. आने वाले दिनों में सप्लाई सुधरने पर ही हालात पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है.