Jharkhand News: झारखंड में पिछड़ा वर्ग के नागरिकों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,450 लाभुकों के बीच 250.72 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है. पिछड़ा वर्ग आयोग के केंद्रीय दल के झारखंड दौरे के दौरान पेश की गई इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन की योजनाओं ने राज्य में एक नई गति पकड़ी है.
वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुआ रिकॉर्ड वितरण
ऋण वितरण के आंकड़ों में सबसे बड़ी उछाल मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 में देखी गई है. अकेले इस वर्ष में 3,111 लाभुकों को कुल 171.942 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया, जो पिछले चार वर्षों के कुल वितरण से भी कहीं अधिक है. युवाओं और महिलाओं पर केंद्रित इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी आबादी को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है.
पिछले वर्षों का तुलनात्मक प्रदर्शन
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में मात्र 111 लाभुकों को 0.879 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2022-23 तक बढ़कर 1,560 लाभुकों और 37.322 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सरकार के बढ़ते फोकस का ही परिणाम है कि 5,701 युवाओं को 238.79 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया. यह क्रमिक वृद्धि राज्य में पिछड़े वर्ग के उत्थान के प्रति प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती है.
स्वरोजगार से सुदृढ़ हो रही आर्थिक स्थिति
वितरित की गई इस ऋण राशि का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों और निजी व्यवसायों को बढ़ावा देना है. प्रस्तुत रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्तीय सहायता से युवाओं ने आय के नए स्रोत विकसित किए हैं. ऋण वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आने से अब अधिक से अधिक लाभुक इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे भविष्य में रोजगार के आंकड़े और बेहतर होने की उम्मीद है.