Jharkhand News: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन और निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. विभाग की इस कार्रवाई को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
निलंबित किए गए डॉक्टरों में बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनूप तिर्की और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लापुंग के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिशिर कुमार विनायक शामिल हैं.
प्रतिनियुक्ति के बावजूद नहीं दिया योगदान
जानकारी के अनुसार, दोनों डॉक्टरों को 108 एंबुलेंस सेवा के बेहतर संचालन, पर्यवेक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके लिए विभाग की ओर से उनकी प्रतिनियुक्ति भी की गई थी.
लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड की रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने प्रतिनियुक्ति आदेश के अनुसार समय पर योगदान नहीं दिया. साथ ही सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में भी गंभीर लापरवाही बरती गई. रिपोर्ट में उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और सरकारी सेवक के अनुरूप अनुशासनहीन रवैये का भी उल्लेख किया गया है.
निलंबन अवधि में रांची कार्यालय रहेगा मुख्यालय
विभाग ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए दोनों डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची कार्यालय रहेगा. इस अवधि में उन्हें सेवा नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
विभागीय जांच भी होगी शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के साथ-साथ दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी. जांच में दोष साबित होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि 108 एंबुलेंस सेवा दुर्घटना, प्रसव, हृदयाघात और अन्य आपात परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण सेवा है. विभाग ने कहा है कि इस तरह की सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.