Jharkhand News : वर्ष 2026 के श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को संथाल परगना के कमिश्नर संजय कुमार की अध्यक्षता में देवघर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई।
देवघर में AI से होगी श्रद्धालुओं की निगरानी
बैठक के बाद कमिश्नर ने बताया कि श्रावणी मेला में अभी तीन से चार महीने का समय है, लेकिन प्रशासन अभी से ही तैयारियों में जुट गया है, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को अधिक सुलभ और आरामदायक बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। वहीं, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि इस बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
AI तकनीक की मदद से श्रद्धालुओं का फेस डिटेक्शन और हेड काउंट किया जाएगा, जिससे उनकी संख्या का सही अनुमान लगाया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर उनका लोकेशन भी ट्रेस किया जा सकेगा। इससे भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ खोए हुए श्रद्धालुओं को ढूंढने में भी मदद मिलेगी।
खोया-पाया केंद्र और कंट्रोल रूम को किया जाएगा मजबूत
प्रशासन ने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान अक्सर भीड़ के कारण श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं, ऐसे में AI आधारित सिस्टम इस समस्या के समाधान में कारगर साबित होगा। बैठक में कंट्रोल रूम, खोया-पाया केंद्र और अन्य व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
गौरतलब है कि श्रावणी मेला की संभावित शुरुआत 30 जून से हो सकती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे और श्रद्धालुओं को मंदिर में आसानी से पूजा-अर्चना करने की सुविधा मिले। बैठक में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।