Jharkhand News : सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जमानत कुछ शर्तों के साथ दी गई है और इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों के अनुसार, विनय चौबे किसी भी गवाह को प्रभावित या डराने की कोशिश नहीं करेंगे और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्हें जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में बाधा नहीं डालनी होगी।
एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही है मामले की जांच
विनय चौबे पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें कथित शराब (एक्साइज) नीति घोटाला, जमीन से जुड़े अनियमितता के मामले, आय से अधिक संपत्ति और धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं। इन मामलों की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है। उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं और जांच अभी भी जारी है।
उन्हें मई 2025 में गिरफ्तार किया गया था। अदालत में उनके वकीलों ने दलील दी कि मामला काफी पुराना है, जो लगभग 2009-10 का है, और इस केस के अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया और कहा गया कि उनके खिलाफ कई अन्य मामले भी लंबित हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत देने का फैसला किया। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।