Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब भाजपा विधायक रागिनी सिंह सदन के बाहर धरने पर बैठ गईं. विधायक ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की मनमानी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद के अशर्फी अस्पताल में महज 20 हजार रुपये के बकाया बिल के भुगतान न होने पर एक मृतक का शव परिजनों को देने से इनकार कर दिया गया.
स्वास्थ्य मंत्री पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
धरने पर बैठीं रागिनी सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को सीधे निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने सदन के भीतर इस संवेदनशील मामले पर गलत जानकारी दी और झूठ बोला है. विधायक ने मांग की कि सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए और इस अमानवीय घटना की सच्चाई पूरी निष्पक्षता के साथ सार्वजनिक करनी चाहिए.
निजी अस्पतालों के लिए सख्त गाइडलाइंस की मांग
भाजपा विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि राज्य के निजी अस्पतालों के संचालन के लिए कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा शव को बंधक बनाया जाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि पूरी तरह अमानवीय कृत्य है. भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी प्रताड़ना न झेलनी पड़े, इसके लिए जवाबदेही तय करना अनिवार्य है.
सदन के भीतर भी उठा मुद्दा
विधायक के इस विरोध प्रदर्शन के बाद सदन के भीतर भी यह मामला गरमाया रहा. विपक्षी सदस्यों ने रागिनी सिंह का समर्थन करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की.