Manipur New CM: भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर में विधायक दल की बैठक के बाद युमनाम खेमचंद सिंह को अपना नेता चुन लिया है. इसके साथ ही अब वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता के बाद यह फैसला राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है.
राष्ट्रपति शासन का दौर
मणिपुर में जातीय हिंसा और बिगड़ते हालात के चलते 13 फरवरी 2025 को संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था. यह आदेश पहले छह महीने के लिए प्रभावी था, जिसे 5 अगस्त 2025 को दोबारा छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया. अब इस शासन व्यवस्था का अंत होने जा रहा है.
स्थिरता की उम्मीद
राज्य में दो साल से अधिक समय तक चली हिंसा और अव्यवस्था के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन को स्थिरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी के नॉर्थ ईस्ट को-ऑर्डिनेटर संबित पात्रा, प्रदेश प्रभारी अजीत गोपछाड़े और केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ भी मौजूद रहे.
सरकार बनाने की प्रक्रिया
युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही वह राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, उनके मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की संभावना है. युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति में एक अनुभवी और प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं. वह पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं और एक कैबिनेट मंत्री के रूप में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. उनकी पहचान एक संतुलित और प्रशासनिक समझ रखने वाले नेता के रूप में रही है.
सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे खेमचंद सिंह को अपने इलाके में मजबूत जनाधार प्राप्त है. ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर चुके खेमचंद सिंह प्रशासनिक फैसलों के लिए भी जाने जाते हैं.
मणिपुर में 3 मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया था. अब तक इस संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 60 हजार लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. हिंसा के कारण राज्य में लंबे समय तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकी.