Jharkhand: झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने नगर निकाय चुनाव के दौरान अपनी पत्नी अनुकांत दुबे के साथ बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसके तहत चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जा रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आज जब पूरा देश डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, ऐसे समय में बैलेट पेपर से चुनाव कराना राज्य को पीछे ले जाने जैसा कदम है। उन्होंने इस निर्णय को झारखंड के विकास की रफ्तार पर असर डालने वाला बताया।
हेमंत सरकार पर साधा निशाना
सांसद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह फैसला उन्हें पुराने दौर की याद दिलाता है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को “लालटेन युग” कहकर विकास में पिछड़ने से जोड़ा जाता है, उसी तरह बैलेट पेपर से चुनाव कराना झारखंड को आधुनिक तकनीकी युग से दूर ले जाने जैसा है।
उनका कहना था कि बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया न सिर्फ धीमी होती है, बल्कि इससे पारदर्शिता और त्वरित परिणाम की उम्मीद भी कम हो जाती है।
राहुल गांधी पर भी टिप्पणी
सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को यह लगता है कि बैलेट पेपर से कांग्रेस और झामुमो समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित हो जाएगी, तो यह उनका भ्रम है। उन्होंने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार मजबूती से जीत दर्ज करेंगे।
भाजपा की जीत को लेकर जताया भरोसा
गोड्डा सांसद ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता विकास के मुद्दे पर मतदान कर रही है और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को समर्थन मिलेगा। उनके अनुसार, चुनाव परिणाम यह साबित करेंगे कि मतदाता पारदर्शिता और तेज विकास के पक्ष में हैं।