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  • 2026-03-27

Nitish Kumar Resignation: बिहार की सियासत में बड़ा मोड़, 30 मार्च को MLC पद छोड़ेंगे नीतीश कुमार...

Nitish Kumar Resignation: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 30 मार्च को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं. हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद, संवैधानिक नियमों के अनुसार उन्हें 14 दिनों के भीतर दोनों सदनों में से किसी एक की सदस्यता छोड़नी अनिवार्य है. 20 वर्षों तक विधान परिषद के सदस्य रहने के बाद अब वे दिल्ली की राजनीति में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं.

12 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ और “समृद्धि यात्रा” का समापन
नीतीश कुमार वर्तमान में अपनी “समृद्धि यात्रा” के पांचवें चरण में व्यस्त हैं, जिसके तहत वे राज्य के विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, वे 12 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. इस यात्रा के पटना में समापन के बाद बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल होने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि दिल्ली जाने से पहले वे अपनी इस यात्रा के जरिए जनता के बीच अपनी "सुशासन बाबू" की छवि को और मजबूत करना चाहते हैं.

इस्तीफे की चर्चा और नए मुख्यमंत्री की रेस
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की पुष्टि के बाद अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार जल्द ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. NDA गठबंधन के भीतर नए नेतृत्व को लेकर मंथन जारी है. सूत्रों की मानें तो भाजपा की ओर से किसी पिछड़े या अति पिछड़े वर्ग के नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि नीतीश कुमार के पुत्र निशान्त कुमार को जेडीयू में बड़ी जिम्मेदारी या उपमुख्यमंत्री का पद दिए जाने की भी अटकलें हैं.

क्या 6 महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं नीतीश?
संवैधानिक रूप से यदि नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन जाते हैं, तब भी वे 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं. हालांकि, इसके लिए उन्हें 6 महीने के भीतर राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा, जो उनके राज्यसभा जाने के फैसले के विपरीत होगा. ऐसे में यह पूरी तरह उनकी राजनीतिक रणनीति पर निर्भर करेगा कि वे तुरंत पद छोड़ते हैं या कुछ समय तक शासन की कमान संभाले रखते हैं. फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें 30 मार्च और उसके बाद होने वाले बड़े राजनीतिक बदलावों पर टिकी हैं.
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