Railway News: दक्षिण पूर्व रेलवे ने अपनी बिजली की निर्भरता कम करने के लिए एक विशाल योजना पर काम शुरू कर दिया है. चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर समेत 100 से अधिक छोटे-बड़े स्टेशनों, रेल कॉलोनियों और कार्यालयों को अब सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा. रेलवे का लक्ष्य कुल 939 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करना है, जिससे करोड़ों रुपये की बिजली बचत होने की उम्मीद है.
टाटानगर स्टेशन और रेल कॉलोनियों का कायाकल्प
टाटानगर स्टेशन परिसर पहले से ही सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहा है. हाल ही में न्यू इलेक्ट्रिक लोको शेड में 350 किलोवाट का प्लांट स्थापित किया गया है. अब रेलवे कॉलोनी के क्वार्टरों की छतों पर 300 किलोवाट का नया सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है. इसके अलावा, आदित्यपुर स्टेशन भवन और आरआरआई (RRI) में भी 75 किलोवाट के पैनल लगाए जाएंगे.
ओडिशा और झारखंड के स्टेशनों पर विस्तार
रेलवे केवल बड़े स्टेशनों तक सीमित नहीं है. बादामपहाड़ स्टेशन पर छोटे सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जबकि बहलदा, रायरंगपुर, आवंलाजुड़ी और कलडीहा जैसे स्टेशनों पर जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा. रेलवे प्रशासन अब स्टेशन भवनों और खाली पड़ी जमीनों की तलाश कर रहा है ताकि सौर पैनलों का जाल बिछाया जा सके.
रेलवे लाइन किनारे सोलर कॉरिडोर बनाने की योजना
आसनबनी से राउरकेला रेल मार्ग के किनारे सोलर प्लांट लगाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है. सूचना के अनुसार, रेलवे जोन करोड़ों रुपये खर्च कर रेल लाइन के किनारे लगभग आधा किलोमीटर तक सोलर पैनल लगाएगा. इस पहल से स्टेशनों और दफ्तरों में लाइट व पंखों के लिए बाहरी बिजली की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी.