Ranchi News: झारखंड में नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी की जांच CBI से कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 24 अगस्त को सुनवाई करेगा। यह याचिका हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ करेगी।
JPSC और JSSC की नियुक्तियों की जांच की मांग
याचिका में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के जरिए हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराने का अनुरोध किया गया है। मामले में JPSC, JSSC, CBI और CID को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दोनों आयोगों के माध्यम से हुई कई नियुक्तियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इसी आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है।
CID जांच के बाद सरकार ने कई परीक्षाओं पर की कार्रवाई
राज्य CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर झारखंड सरकार ने 22 नियुक्तियों को रद्द किया है। वहीं छह नियुक्तियों की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है, जबकि 17 नियुक्तियों को जांच के दायरे में रखा गया है। CID की जांच के दौरान JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा परीक्षाओं की प्रक्रिया को शुरू से अंतिम रूप देने में शामिल एजेंसी TDPL के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भी गिरफ्तारी हुई है। अब सभी की नजर 24 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है, जहां नियुक्ति घोटाले की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर अदालत अपना रुख स्पष्ट करेगी।