Ranchi News: राजधानी रांची की महत्वपूर्ण नामकुम-डोरंडा सड़क परियोजना को झारखंड सरकार ने बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति दी है. सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, फोरलेन निर्माण और यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़ी इस परियोजना के लिए अब 162 करोड़ 82 लाख 22 हजार 100 रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.
12 साल में कई गुना बढ़ी परियोजना की लागत
नामकुम से डोरंडा तक सड़क विकास की इस योजना को पहली बार 5 सितंबर 2013 को 30.37 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली थी. समय के साथ परियोजना की लागत में लगातार वृद्धि होती गई. इसके बाद 25 जनवरी 2024 को सरकार ने इसकी लागत संशोधित करते हुए 126.34 करोड़ रुपये की प्रथम पुनरीक्षित स्वीकृति दी थी. अब दूसरी बार लागत में बढ़ोतरी कर इसे 162.82 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
सड़क चौड़ीकरण से लेकर यूटिलिटी शिफ्टिंग तक होंगे कार्य
परियोजना के तहत नामकुम-डोरंडा मार्ग का चौड़ीकरण, सड़क को मजबूत बनाना, फोरलेन निर्माण तथा विभिन्न यूटिलिटी सेवाओं की शिफ्टिंग का काम किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे राजधानी के इस व्यस्त मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी.
दो वित्तीय वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने इस परियोजना को दो वित्तीय वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 115.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष 46.99 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय किए जाएंगे.
पथ प्रमंडल रांची को सौंपी गई जिम्मेदारी
परियोजना पर होने वाला खर्च राज्य योजना के "सड़कों एवं पुलों पर पूंजीगत व्यय" मद से किया जाएगा. स्वीकृत राशि की निकासी और खर्च की जिम्मेदारी पथ प्रमंडल रांची के कार्यपालक अभियंता को दी गई है.
हर महीने होगी प्रगति की समीक्षा
परियोजना की निगरानी को लेकर सरकार ने मुख्य अभियंता (यातायात) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें प्रत्येक माह कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और समयबद्ध तरीके से परियोजना को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है.