Ranchi News : झारखंड सरकार ऐतिहासिक कैथी लिपि के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार कैथी लिपि को पढ़ना-लिखना आसान बनाने के लिए विशेष पाठ्यपुस्तक तैयार करा रही है। इस पहल का उद्देश्य पुरानी पांडुलिपियों, भूमि अभिलेखों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को पढ़ने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है।
ऐतिहासिक दस्तावेजों को पढ़ने में मिलेगी मदद
कैथी लिपि कभी झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में प्रशासनिक, न्यायिक और भूमि अभिलेखों की प्रमुख लिपि थी। समय के साथ इसका प्रयोग लगभग समाप्त हो गया, जिससे पुराने दस्तावेजों को पढ़ना मुश्किल हो गया। नई पाठ्यपुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम लोगों को इस लिपि को सीखने का अवसर मिलेगा।
संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल
सरकार का मानना है कि कैथी लिपि केवल एक लेखन प्रणाली नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित पाठ्यपुस्तक के जरिए नई पीढ़ी को इस प्राचीन लिपि से जोड़ने के साथ-साथ इसके संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। विशेषज्ञों की मदद से तैयार की जा रही यह पुस्तक कैथी लिपि को सरल तरीके से सीखने में सहायक होगी।