Ranchi News: झारखंड में 750 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले को लेकर राजनीति में हलचल मच गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को चिट्ठी लिखकर ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच तुरंत CBI को देनी चाहिए।
नई शराब नीतियों में गड़बड़ी, 38 करोड़ से बढ़कर 750 करोड़ पार
बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि ACB सही तरीके से जांच नहीं कर रही, बल्कि आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने बताया कि 2022 में बनी शराब नीति से कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। पहले इस घोटाले की रकम 38 करोड़ बताई गई थी, जो अब बढ़कर 750 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
एसीबी की सुस्ती से केस कमजोर, आरोपियों को मिली राहत
उन्होंने यह भी कहा कि मई 2025 में कुछ बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन ACB ने 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की। इसी वजह से कई आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
मरांडी ने CBI जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई
अब तक 17 में से 14 आरोपी जमानत मिल चुकी हैं। बाबूलाल मरांडी ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के एक कारोबारी नवीन केडिया को ट्रांजिट बेल मिलने के बाद वह फरार हो गया और एसीबी उसे पकड़ नहीं पाई।
उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर, एसीबी को जल्द चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दें और पूरी जांच CBI को सौंपें, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और जनता का भरोसा बना रहे।