Dhanbad: धनबाद के सदर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो जाने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुत्ते या बिल्ली के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को वैक्सीन नहीं मिल पा रही है और उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जा रहा है। कई जरूरतमंद मरीज मजबूरी में बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी वैक्सीन खरीद रहे हैं।
महंगी वैक्सीन खरीद रहे हैं
जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में एआरवी का स्टॉक करीब 10 दिन पहले ही खत्म हो चुका है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से 100 वायल मंगवाए गए थे, लेकिन वे भी अब समाप्त हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन की नई खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति मुख्यालय से की जाती है और वहां इसकी जानकारी दे दी गई है। यदि मुख्यालय से एआरवी उपलब्ध नहीं होती है, तो स्थानीय स्तर पर खरीद की जाएगी।
वैक्सीन का पहला डोज दिया जाता है
सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए पहुंचते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 120 से 130 मरीज आते हैं, जिनमें आधे से अधिक को वैक्सीन का पहला डोज दिया जाता है।
अस्पताल में वैक्सीन नहीं मिलने पर मरीजों को बाहर से एआरवी खरीदनी पड़ रही है, जिसकी कीमत 400 रुपए से अधिक है। एक वायल में दो डोज होते हैं, लेकिन वायल खुलने के बाद खराब हो जाती है, जिससे दूसरे डोज में उसका इस्तेमाल नहीं हो पाता। इस तरह मरीजों को दो डोज के पैसे देकर भी एक ही डोज मिल पाता है।
जोखिम में पड़ सकती है
एआरवी जैसी जरूरी वैक्सीन की कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और समय पर आपूर्ति नहीं होने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।