आपको बताए क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, मुरु गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे में मंगलवार को ईंट पकाने के लिए आग लगाई गई थी। मृतक खितिस चंद्र महतो भट्ठे की निगरानी का काम कर रहे थे। मंगलवार देर शाम वे अपने घर पर भोजन करने के बाद भट्ठे की देखरेख के लिए निकले थे।
जब बुधवार सुबह तक खितिस वापस घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। काफी समय तक संपर्क न होने पर ग्रामीणों और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान भट्ठे के पास ही उनका शव बेसुध पड़ा मिला, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही नीमडीह थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी प्रकार के गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं।
मौत के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस गैस के रिसाव कार्बन मोनोऑक्साइड, दम घुटने या अन्य आकस्मिक कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। इधर, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना है या इसके पीछे कोई और साजिश।इस घटना के बाद खितिस के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वाले इस संदिग्ध मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं, जिससे इलाके में तनावपूर्ण सन्नाटा पसरा हुआ है।