Seraikela News: सरायकेला समाहरणालय परिसर से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने तंबाकू निषेध और नियंत्रण को लेकर एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किया गया यह रथ पूरे एक महीने तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी इलाकों का दौरा करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर नुकसानों के प्रति सचेत करना है.
तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील, उपायुक्त ने गिनाए खतरे
इस खास मौके पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने तंबाकू के खतरों को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है, जो कैंसर, दिल की बीमारी और सांस संबंधी कई जानलेवा रोगों का मुख्य कारण बनता है. उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि लोग इस जानलेवा लत को छोड़ें, खुद को सेहतमंद रखें और समाज को भी इस बुराई से मुक्त कराने में अपनी भूमिका निभाएं.
गांवों और शहरों में एक महीने तक चलेंगे विशेष जनसंवाद कार्यक्रम
जागरूकता अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि आगामी एक माह तक पूरे जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां चलाई जाएंगी. इसके तहत सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्यक्रमों के माध्यम से कस्बों और गांवों में सीधे जनसंवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके.
युवाओं से नशे से दूर रहने और भविष्य संवारने का आह्वान
अभियान के दौरान डीसी ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को लेकर चिंता जताई और कहा कि अक्सर सामाजिक दबाव, दोस्तों के असर या महज उत्सुकता में आकर युवा तंबाकू की ओर आकर्षित हो जाते हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने भविष्य और सेहत की खातिर नशामुक्त जीवनशैली को गले लगाएं और सकारात्मक कार्यों से जुड़कर समाज के लिए एक रोल मॉडल की तरह सामने आएं.
जनभागीदारी से ही बनेगा तंबाकू मुक्त समाज
उपायुक्त ने साफ लफ्जों में कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त राज्य का सपना केवल सरकारी तंत्र के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए हर एक नागरिक का जागरूक होना बेहद जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपने घरों और आस-पड़ोस के माहौल को पूरी तरह तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लेने की बात कही, ताकि सामूहिक जिम्मेदारी से एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके.
मौके पर मौजूद रहे कई आला अधिकारी
जागरूकता रथ की रवानगी के इस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इनमें मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तमाम पदाधिकारी व कर्मचारी, एनडीसी (NDC) सहित विभाग के कई अन्य प्रमुख कर्मी शामिल थे.