Ranchi: झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित राज अस्पताल को किडनी ट्रांसप्लांट की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक में सर्वसम्मति से दोनों संस्थानों को किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति दी गई। जल्द ही दोनों अस्पतालों को लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद झारखंड में ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेजों के साथ एक विशेष बैठक
इस निर्णय से राज्य के सैकड़ों किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलने वाली है, जिन्हें अब इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बैठक में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों और निजी अस्पतालों में भी लीवर, हार्ट और किडनी जैसे जटिल अंग प्रत्यारोपण शुरू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दिशा में 15 जनवरी को राज्य के 10 मेडिकल कॉलेजों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत राज्य के मरीजों को बाहर भेजने के बजाय यथासंभव राज्य में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक विशेष पैकेज भी निर्धारित किया गया है। तय किया गया है कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभुकों का ऑर्गन ट्रांसप्लांट राज्य में ही सुनिश्चित किया जाएगा। केवल वे मरीज जो इन योजनाओं के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें ही राज्य से बाहर इलाज की अनुमति दी जाएगी।
सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम
बैठक में अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवनारायण सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, ध्रुव प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद थे। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को झारखंड में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।