Jharkhand News: रांची जिले के खलारी इलाके में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब एक हिन्दू युवती और मुस्लिम युवक तौफिक अंसारी के कथित विवाह की जानकारी सामने आई. शनिवार को युवक द्वारा युवती को साथ लेकर खलारी थाना पहुंचने की बात फैलते ही युवती के स्वजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए. रविवार को बड़ी संख्या में लोग खलारी थाना पहुंचे और हंगामा करते हुए युवती को तत्काल वापस लाने की मांग करने लगे.
ओवरब्रिज पर सड़क जाम, यातायात प्रभावित
थाना स्तर पर त्वरित पहल नहीं होने से नाराज भीड़ थाना परिसर से निकलकर खलारी ओवरब्रिज पहुंच गई और मुख्य सड़क को जाम कर दिया. सड़क जाम के कारण कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा. प्रदर्शनकारी युवती को थाना लाने की मांग पर अड़े रहे और मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही.
पुलिस आश्वासन के बाद थाना लौटी भीड़
पुलिस द्वारा युवती को थाना लाने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी ओवरब्रिज से हटे और दोबारा खलारी थाना पहुंचे. बढ़ती भीड़ और हालात को देखते हुए थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई. कई घंटे बाद पुलिस युवती को थाना लेकर पहुंची जिसके बाद स्वजन उसे समझाने बुझाने में जुट गए.
कोर्ट मैरिज के दावे पर विवाद
इस बीच युवक तौफिक अंसारी ने पुलिस को बताया कि उसने युवती से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया कोर्ट में विवाह किया है. हालांकि युवती के स्वजन इस दावे को मानने से इनकार कर रहे हैं. स्वजनों का कहना है कि जिस दिन विवाह की बात कही जा रही है उस दिन युवती खलारी स्थित घर पर ही मौजूद थी. इस मामले को लेकर इलाके में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
हिन्दू संगठनों ने लगाए आरोप
युवक युवती के विवाह की सूचना के बाद खलारी में सक्रिय कुछ हिन्दू संगठनों ने इसे लव जेहाद से जुड़ा मामला बताया है. विहिप और बजरंग दल से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाया जा रहा है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कानून के दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
युवक-युवती के निजी निर्णय से जुड़ा यह मामला सामाजिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन गया. अफवाह और अधूरी जानकारी के कारण स्थिति तेजी से तनावपूर्ण हुई. ऐसे मामलों में समय पर संवाद और स्पष्ट प्रशासनिक पहल तनाव को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है.