Jamshedpur: बोड़ाम थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलडीह पंचायत के जोबा गांव स्थित फुटबॉल मैदान में सोमवार को आयोजित काड़ा (भैंसा) लड़ाई प्रतियोगिता एक दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई। युवा कमेटी द्वारा कराए जा रहे इस आयोजन के दौरान उग्र भैंसे के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि उसका नाबालिग पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
भैंसे ने एक अधेड़ अचानक किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मैदान में दो भैंसों के बीच मुकाबला चल रहा था। इसी दौरान एक भैंसा दूसरे को दौड़ाते हुए मैदान से बाहर ले गया। भागने के क्रम में उग्र भैंसे ने वहां खड़े एक अधेड़ व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया और उसे सींग पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। हमले के दौरान उनके बेटे को भी भैंसे ने निशाना बनाया। इस घटना में बेटे को गंभीर चोटें आईं और उसके एक पैर की हड्डी टूट गई।
हादसे के बाद भी मेला नहीं किया गया बंद
घटना दोपहर लगभग एक बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस हादसे से पहले चार जोड़ी भैंसों की लड़ाई हो चुकी थी। सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस गंभीर दुर्घटना के बाद भी मेला बंद नहीं किया गया और दो और जोड़ी भैंसों की लड़ाई कराई गई। सूचना मिलने पर बोड़ाम पुलिस करीब ढाई बजे मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़ते हुए मेला को तत्काल बंद कराया।
सुभाष कर्मकार हुई मौत
हादसे में घायल जोबा गांव निवासी सुभाष कर्मकार (55) और उनके पुत्र सागर कर्मकार (15) को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान सुभाष कर्मकार की मौत हो गई, जबकि सागर का इलाज जारी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया
इस संबंध में बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि उन्हें इस तरह के किसी मेला या आयोजन की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि आयोजन गुप्त रूप से किया गया था और मेला कमेटी की पहचान की जा रही है।
सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सूचना मिलती भैंस लड़ाई की
सूत्रों के अनुसार झारखंड सहित देशभर में भैंसा लड़ाई पर प्रतिबंध है और स्थानीय प्रशासन से इसकी अनुमति भी नहीं दी जाती। इसके बावजूद पटमदा, कमलपुर और बोड़ाम थाना क्षेत्र समेत पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के कई गांवों में इस तरह के आयोजन चोरी-छिपे लगातार होते आ रहे हैं। आयोजक किसी तरह के पर्चे या प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं करते, बल्कि यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सूचना दी जाती है।
सोमवार को बोड़ाम थाना क्षेत्र में आयोजित हुआ यह मेला
अधिकांश आयोजन ऐसे स्थानों पर किए जाते हैं जो दो थाना क्षेत्रों या दो राज्यों की सीमा पर स्थित होते हैं, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके। सोमवार को जिस स्थान पर यह मेला आयोजित किया गया था, वह पटमदा थाना क्षेत्र के लेकड़ो गांव से सटा हुआ है, हालांकि प्रशासनिक रूप से वह बोड़ाम थाना क्षेत्र में आता है।