Jamshedpur: मानवता की सेवा के संकल्प के साथ कोई भूखा न सोए के मिशन पर चलने वाली संस्था रोटी बैंक चैरिटेबल ट्रस्ट ने गुरुवार को अपना 11वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर साकची गोलचक्कर समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशाल भोग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महिलाओं के लिए दीदी की रसोई योजना का आगाज
स्थापना दिवस के ऐतिहासिक मौके पर संस्था के चेयरमैन मनोज मिश्रा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए "दीदी की रसोई" योजना शुरू करने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुशल महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में उचित दर पर स्वादिष्ट पकवान, नाश्ता और मिठाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसका संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा होगा।
चयन प्रक्रिया और संपर्क
जो महिलाएं रसोई के काम में निपुण हैं और घर से बाहर निकलकर काम करना चाहती हैं, वे अपना विवरण व्हाट्सएप नंबर 9470302083 पर भेज सकती हैं।
11 वर्षों का संघर्षपूर्ण और सफल सफर
मनोज मिश्रा ने कहा कि रोटी बैंक आज एक आंदोलन बन चुका है। प्रतिदिन दो हजार से अधिक गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय दानदाताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं को दिया। विशिष्ट अतिथि आर.बी. सहाय और पुरोबी घोष ने कहा कि रोटी बैंक ने झारखंड में सेवा की मिसाल कायम की है। पिछले 11 वर्षों में संस्था के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया गया है।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
समारोह में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष रेणु सिंह, शुभश्री दत्ता, सालावत महतो, किशोर वर्मा, और अनीमा दास ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम को सफल बनाने में ऋषि गुप्ता, रश्मि सिन्हा, रीना दास, देवशीष दास और संतोष सरकार सहित सैकड़ों सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।