आसमान से होगी पुष्पवर्षा, पवित्र नदियों के जल से होगा अभिषेक
शिवलिंग की स्थापना के बाद समारोह को भव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक और पुष्पवर्षा की जाएगी। इस अभिषेक के लिए जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा गया है; कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, काशी और प्रयाग जैसी पवित्र जगहों से जल मंगवाया गया है।
इस विशाल शिवलिंग को उसके पेडेस्टल आधार पर स्थापित करने के लिए विशेष रूप से भोपाल से 750 टन की क्षमता वाली दो क्रेन मंगवाई गई हैं।
शिल्पकारी का अद्भुत नमूना, 210 टन का शिवलिंग इस शिवलिंग की विशेषताएं किसी को भी अचंभित कर सकती हैं, वजन और ऊंचाई, इसका कुल वजन 210 टन है और ऊंचाई 33 फीट है।
जानिए कौन किया निर्माण
तमिलनाडु के महाबलीपुरम के कुशल शिल्पकारों ने इसे तराशने में 10 साल का लंबा समय लिया है, प्रशासनिक मुस्तैदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन की संभावना को देखते हुए डीआईजी हरिकिशोर राय और डीएम सौरव जोरवाल सहित आला अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है।
अयोध्या और अंकोरवाट से भी भव्य होगा विराट रामायण मंदिर
यह शिवलिंग जिस विराट रामायण मंदिर का हिस्सा है, वह स्वयं में एक अजूबा है। पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा 500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह मंदिर 120 एकड़ में फैला है।
आपको बताते हैं शिव लिंग के लंबाई, चौड़ाई के बारे में
लंबाई 1080 फीट, चौड़ाई 540 फीट, ऊंचाई 270 फीट मुख्य शिखर, कुल शिखर 12 यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर से तीन गुना बड़ा और कंबोडिया के प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर से ऊंचाई में दोगुना होगा। टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स और सेंटेक इंफ्रा सॉल्यूशन द्वारा निर्मित यह तीन मंजिला ढांचा 2030 तक पूरी तरह बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र
विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह के अनुसार, इस स्थापना समारोह के लिए देश भर के साधु-संतों और विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। आने वाले समय में यह स्थल न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत के लिए वैश्विक धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।