Jharkhand News: झारखंड के पीरटांड़ क्षेत्र में हाथी के उत्पात का मामला सामने आया है. टुंडी की ओर से आए एक हाथी ने कई गांवों में तोड़फोड़ कर दहशत फैला दी. इस घटना में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन हाथी के हमले से कई परिवार प्रभावित हुए हैं.
टुंडी मार्ग से पहुंचा हाथी, कई गांव बने निशाना
जानकारी के अनुसार हाथी टुंडी के रास्ते पीरटांड़ क्षेत्र में दाखिल हुआ. इसके बाद पालगंज पंचायत के कोयवा टांड़, तिवारी टोला और नारायणपुर गांव में हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया.
श्यामलाल ठाकुर के घर को फिर बनाया निशाना
कोयवा टांड़ गांव में हाथी ने श्यामलाल ठाकुर के घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार इसी घर को लगभग एक माह पहले भी हाथी ने नुकसान पहुंचाया था. शनिवार की रात हाथी ने दोबारा उसी घर को तोड़ दिया और घर में रखे अनाज, बर्तन और अन्य घरेलू सामान को नष्ट कर दिया.
दुकान और अन्य घरों को भी पहुंचा नुकसान
नारायणपुर मोड़ पर स्थित होरील दास की दुकान को भी हाथी ने तोड़ दिया. दुकान में रखा सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया. वहीं तिवारी टोला में भी एक घर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. वहां हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
रात भर जागकर जान बचाने को मजबूर रहे लोग
हाथी के उत्पात के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है. लोग रात भर जागते रहे और हाथी की आवाज सुनते ही घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए. कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हुए.
वन विभाग से कार्रवाई और मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है.
वन विभाग की टीम अलर्ट
घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है. विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है. ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी तरह की जान माल की क्षति न हो.
प्रभावी कदम उठाना जरुरी
पीरटांड़ क्षेत्र में हाथियों का लगातार आबादी वाले इलाकों में पहुंचना चिंता का विषय बनता जा रहा है. बार-बार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि वन और मानव बस्तियों के बीच टकराव बढ़ रहा है. यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में नुकसान और बढ़ सकता है.