Jharkhand News: धनबाद शहर के लिए बड़ी आधारभूत संरचना मानी जा रही एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है. धनसार से गोविंदपुर तक प्रस्तावित 15.4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर के डीपीआर को लेकर जारी टेंडर को प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया है. यह मामला विकास कार्य से जुड़ा है और इसमें किसी भी तरह की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
डीपीआर टेंडर वापस, परियोजना पर लगा विराम
एनएच डिवीजन की ओर से मई 2025 में इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने को लेकर टेंडर जारी किया गया था. अब प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इस टेंडर को रद्द कर वापस ले लिया गया है. इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि फिलहाल धनसार से गोविंदपुर तक एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण नहीं किया जाएगा.
1500 करोड़ की योजना थी, ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद
इस परियोजना का उद्देश्य धनसार से बैंक मोड़, श्रमिक चौक और स्टील गेट होते हुए गोविंदपुर तक एक एलिवेटेड सड़क का निर्माण करना था. करीब 1500 करोड़ रुपये की इस योजना से धनबाद शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी. अब परियोजना रुकने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
सड़क अधिकार को लेकर फंसा मामला
प्रस्तावित 15.4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर में केवल करीब एक किलोमीटर का हिस्सा धनसार से बैंक मोड़ तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन था. शेष लगभग 14.5 किलोमीटर सड़क पथ प्रमंडल विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है. पथ प्रमंडल ने इस सड़क पर काम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.
मंत्रालय तक पहुंचा विवाद, कार्रवाई पर लगी रोक
यह मामला आगे चलकर मंत्रालय स्तर तक पहुंच गया. इसके बाद मंत्रालय ने भी इस परियोजना पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी. इसके बाद पूरा मामला पथ प्रमंडल विभाग के पास चला गया. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश के तहत पथ प्रमंडल को सभी तथ्यों से अवगत करा दिया है.
अब चार अलग-अलग स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर
एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना के रुकने के बाद शहर में वैकल्पिक योजना पर काम शुरू किया गया है. पथ प्रमंडल विभाग को चार अलग अलग स्थानों पर नए फ्लाईओवर के निर्माण का निर्देश मिला है. इसको लेकर विभाग ने अपनी रूपरेखा भी तैयार कर ली है और मुख्यालय स्तर पर विचार विमर्श चल रहा है.
इन इलाकों में फ्लाईओवर निर्माण पर चर्चा
पूजा टॉकीज से जोड़ाफाटक तक फ्लाईओवर निर्माण पर विचार किया जा रहा है. धनबाद नया स्टेशन से डीआरएम चौक तक फ्लाईओवर प्रस्तावित है. स्टील गेट से गोल बिल्डिंग तक भी फ्लाईओवर की योजना है. इसके अलावा कतरास बाजार क्षेत्र में भी फ्लाईओवर निर्माण पर मंथन चल रहा है.
अधिकार क्षेत्र बना सबसे बड़ी बाधा
पथ प्रमंडल धनबाद के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश प्रसाद ने बताया कि बैंक मोड़ से गोविंदपुर तक सड़क पथ प्रमंडल के अधीन है और इसी हिस्से में तीन स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है. वहीं एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता डीके साह ने कहा कि धनसार से बैंक मोड़ तक करीब एक किलोमीटर सड़क एनएचएआई के अधीन है जबकि बाकी हिस्सा पथ प्रमंडल के अंतर्गत आता है. इसी अधिकार क्षेत्र के कारण परियोजना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी.
धनबाद के शहरी विकास के लिए बड़ा झटका
धनसार से गोविंदपुर तक एलिवेटेड फ्लाईओवर का रुकना धनबाद के शहरी विकास के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. यह परियोजना शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली सड़कों को जाम से राहत देने वाली थी. अब छोटे-छोटे फ्लाईओवर की योजना जरूर सामने आई है, लेकिन वे इस बड़े प्रोजेक्ट की भरपाई कर पाएंगे या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा. अधिकार क्षेत्र और विभागीय समन्वय की कमी एक बार फिर बड़े प्रोजेक्ट के रास्ते में बाधा बनकर सामने आई है.