Saraikela: सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व शर्मा बस्ती निवासी दीपक मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दीपक मिश्रा पर चापड़ और गोली चलाकर हमला
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैया ने बताया कि 16 जनवरी को शर्मा बस्ती निवासी दीपक मिश्रा पर जान से मारने की नीयत से चापड़ और गोली चलाकर हमला किया गया था। घटना के बाद दीपक मिश्रा ने आदित्यपुर थाना में राहुल पंडित और सुजीत शर्मा के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार की रात आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के समीप से कांड में संलिप्त अभियुक्त राहुल पंडित, निवासी ओल्ड विद्युत नगर, को गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी जेल जा चुका है अपराधी
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के पास से घटना में प्रयुक्त आग्नेयास्त्र भी बरामद किया है। पूछताछ के दौरान राहुल पंडित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी हत्या जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। वहीं इस कांड में शामिल दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने राहुल पंडित ने दीपक मिश्रा के खिलाफ धमकी देने का आरोप लगाते हुए आदित्यपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उस समय मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके अलावा घटना से दो दिन पूर्व राहुल पंडित की स्कॉर्पियो वाहन में तोड़फोड़ की गई थी, जिसमें आरोप है कि दीपक मिश्रा और दीपू मिश्रा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
प्रतिशोध के कारण राहुल पंडित ने दीपक मिश्रा पे किया हमला
बताया जा रहा है कि इसी प्रतिशोध में राहुल पंडित ने दीपक मिश्रा के घर पर हमला किया, घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, चापड़ से हमला कर उसे घायल किया और फायरिंग की घटना को भी अंजाम दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आदित्यपुर पुलिस समय रहते दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को गंभीरता से लेती, तो इस घटना को टाला जा सकता था।
फिलहाल आरोपी राहुल पंडित को जेल भेज दिया गया है, लेकिन दीपक मिश्रा और दीपू मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।