Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य निधि बकाये को लेकर ईपीएफओ जमशेदपुर ने कड़ी कार्रवाई की है. ईपीएफओ ने नगर निगम के बैंक खातों को कुर्क कर बकाया राशि जब्त की है. कार्रवाई कर्मचारियों की शिकायत और जांच में सामने आई लापरवाही के बाद की गई.
नगर निगम के खाते से 18 लाख से अधिक की राशि जब्त
ईपीएफओ ने आदित्यपुर नगर निगम के बैंक खातों को कुर्क करते हुए 18 लाख 44 हजार 530 रुपये की राशि जब्त की है. यह पूरी रकम डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त जमशेदपुर के पक्ष में जमा कराई गई है.
18 संविदा कर्मचारियों का ईपीएफ जमा नहीं किया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम में कार्यरत 18 संविदा कर्मचारियों की ईपीएफ राशि लंबे समय से संबंधित खातों में जमा नहीं की जा रही थी. कर्मचारियों की ओर से कई बार मांग उठाई गई लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
शिकायत के बाद ईपीएफओ ने की जांच
ईपीएफ जमा नहीं होने से परेशान कर्मचारियों ने ईपीएफओ जमशेदपुर कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद ईपीएफओ ने मामले की जांच की जिसमें नगर निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई.
सर्टिफिकेट केस दर्ज कर जारी हुआ कुर्की आदेश
जांच के आधार पर ईपीएफओ ने सर्टिफिकेट केस संख्या 175 दिनांक 16 अप्रैल 2025 दर्ज किया. इसके बाद निषेधात्मक आदेश जारी करते हुए आदित्यपुर नगर निगम के बैंक खातों को कुर्क कर दिया गया.
कानून के तहत वसूली का आदेश
कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 14बी के तहत बकाया राशि की वसूली का आदेश पारित किया गया. जमशेदपुर के रिकवरी पदाधिकारी ने संबंधित बैंक को निर्देश दिया कि नगर निगम के खातों से किसी भी प्रकार की निकासी पर रोक लगाई जाए और निर्धारित राशि ईपीएफओ को भेजी जाए.
नगर निगम में मचा हड़कंप
बैंक द्वारा आदेश का पालन करते हुए बकाया राशि ईपीएफओ को सौंप दी गई. इस कार्रवाई के बाद आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है. सूत्रों के अनुसार नगर निगम अब इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी में है.
भविष्य निधि अधिकारों को लेकर सख्त रुख
ईपीएफओ की यह कार्रवाई कर्मचारियों के भविष्य निधि अधिकारों को लेकर सख्त रुख को दर्शाती है. सरकारी निकाय के खिलाफ बैंक खाते कुर्क कर राशि वसूलना यह संकेत देता है कि ईपीएफ बकाये में लापरवाही अब गंभीर परिणाम ला सकती है. यह कदम न केवल प्रभावित कर्मचारियों के हित में अहम है बल्कि अन्य सरकारी और निजी संस्थानों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि भविष्य निधि से जुड़ी जिम्मेदारियों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई तय है.