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  • 2026-01-18

FIIs In Share Market: शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कब थमेगा एफआईआई का एग्जिट मोड

FIIs In Share Market: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. जनवरी के पहले पखवाड़े में एफआईआई ने बड़े पैमाने पर इक्विटी से पैसा निकाला है. बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मजबूत सकारात्मक संकेत सामने नहीं आते तब तक विदेशी निवेशकों की यह रणनीति जारी रह सकती है.

जनवरी में भारी निकासी के आंकड़े
एक्सपर्ट्स के अनुसार एक जनवरी से 16 जनवरी के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इक्विटी बाजार से बाइस 22,529 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. इस दौरान केवल एक कारोबारी सत्र को छोड़कर लगभग सभी दिनों में एफआईआई की ओर से शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई.

वैश्विक बाजारों के मुकाबले भारत कमजोर
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अन्य प्रमुख वैश्विक बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन कमजोर रहा है और इसका असर 2026 की शुरुआत में भी देखने को मिला है. निफ्टी ने साल की शुरुआत से अब तक नकारात्मक रिटर्न दिया है जिससे बाजार में सुस्ती का संकेत मिल रहा है.

पिछले साल घरेलू निवेशकों ने संभाला बाजार
एक्सपर्ट्स के मुताबिक 2025 में बाजार की एक अहम विशेषता यह रही कि सुस्त माहौल के बावजूद निफ्टी ने करीब दस प्रतिशत का रिटर्न दिया. इसकी बड़ी वजह घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी रही. इस दौरान डीआईआई की ओर से करीब 7,44,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया जबकि एफआईआई ने लगभग 1,66,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी.

एफआईआई की बिकवाली के प्रमुख कारण
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऊंचा वैल्यूएशन और अमेरिका भारत ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता विदेशी निवेशकों की बिकवाली की मुख्य वजह है. इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर एआई आधारित निवेश रुझान भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह रुझान 2026 की शुरुआत में भी बना हुआ है हालांकि इसमें कभी भी बदलाव आ सकता है.

बीते सप्ताह बाजार रहा लगभग स्थिर
पिछले सप्ताह मिले जुले संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार काफी हद तक स्थिर नजर आया. सप्ताह के अंत में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 83,570 के आसपास बंद हुआ जबकि निफ्टी हल्की तेजी के साथ 25,694 के स्तर पर बंद हुआ.

आगे भी बिकवाली की आशंका
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चुनिंदा लार्ज कैप आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से उम्मीद जरूर बनी लेकिन टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता भू राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेश की निरंतर निकासी ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है. मौजूदा हालात में विदेशी निवेशकों की बिकवाली आगे भी जारी रह सकती है.

भारतीय शेयर बाजार पर अल्पकालिक दबाव
एफआईआई की लगातार बिकवाली भारतीय शेयर बाजार पर अल्पकालिक दबाव बना रही है. हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को संतुलन में रखने में मदद कर रही है. यदि वैश्विक अनिश्चितताएं कम होती हैं और भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो विदेशी निवेशकों का रुख बदल सकता है. फिलहाल बाजार एक्सपर्ट्स सतर्कता के साथ लंबी अवधि के नजरिये से निवेश करने की सलाह दे रहे हैं.
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