Dhanbad: धनबाद के कोयलांचल की धरती से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। धनबाद के असर्फी अस्पताल में एक नवजात बच्ची पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि उसे इस लड़ाई में साथ देने वाले उसके अपने ही माता-पिता उसे बेसहारा छोड़कर चले गए हैं।
आपको बताते है क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, इस बच्ची का जन्म 9 जनवरी 2026 को हुआ था। जन्म के बाद से ही बच्ची की हालत नाजुक थी, जिसके कारण उसे अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। जब डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति को देखते हुए परिजनों को उसे किसी और बेहतर और सक्षम अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी, तो परिजनों ने न केवल इससे इनकार कर दिया, बल्कि लिखित रूप में जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
परिजनों ने लिखित में छोड़ा साथ
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, परिजनों ने लिखित आवेदन देकर कहा कि वे बच्ची का आगे का इलाज कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी लिख कर दिया कि यदि बच्ची के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार वे खुद होंगे। 16 जनवरी को परिजन अस्पताल से निकले और उसके बाद से दोबारा लौटकर नहीं आए। बच्ची अब पूरी तरह अस्पताल के स्टाफ के भरोसे है।
प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए असर्फी अस्पताल प्रबंधन ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और धनबाद पुलिस को आधिकारिक सूचना दे दी है। इस बीच, CWC के पूर्व चेयरमैन उत्तम मुखर्जी ने इस संवेदनशील मामले को लेकर मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टैग करते हुए बच्ची के जीवन को बचाने के लिए सरकारी सहयोग की अपील की है।
अस्पताल अब बच्ची को किसी सरकारी या उच्च सुविधा वाले केंद्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में जुटा है, ताकि उसे उचित चिकित्सा मिल सके। फिलहाल, यह मासूम वेंटिलेटर पर सांसों के लिए संघर्ष कर रही है और पूरा शहर उसकी सलामती की दुआ कर रहा है।