Kharsawan News: खरसावां प्रखंड के धातकीडीह से खेजुरदा तक चल रहे सड़क सुदृढ़िकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बिछाई जा रही पिच की हालत बेहद कमजोर है और पैर से दबाने पर ही उखड़ जा रही है. इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
पिच बिछाने की प्रक्रिया पर आपत्ति
ग्रामीणों का आरोप है कि डस्ट के ऊपर सीधे अलकतरा और गिट्टी का मिक्सर डाला जा रहा है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण में आवश्यक केमिकल (इमलसन) का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है. इस कारण सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है और नई सड़क बनने से पहले ही खराब होने की आशंका है.
विभागीय मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि निगरानी के अभाव में ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है, जिससे सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है.
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे जेई
ग्रामीणों की शिकायत के बाद आरइओ के जेई सरकार सोरेन ने कार्य स्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान स्थिति को देखते हुए उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को फिलहाल बंद रखने का निर्देश दिया. इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है.
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त से पूरे मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो और गुणवत्ता के साथ सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके.
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुदृढ़िकरण जैसे कार्य विकास की बुनियादी जरूरत हैं. यदि शुरुआती चरण में ही गुणवत्ता से समझौता किया गया तो इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है. समय पर जांच और जवाबदेही तय करना इस मामले में जरूरी माना जा रहा है.