Jharkhand News: झारखंड में संगठित अपराध का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब आपराधिक गिरोहों की कमान सिर्फ पुरुषों के हाथ में नहीं है, बल्कि महिलाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं. पुलिस और एटीएस की हालिया जांच में सामने आया है कि कई कुख्यात अपराधी जेल में बंद होने या फरार रहने की स्थिति में अपनी पत्नियों और महिला साथियों के जरिए गिरोह का संचालन कर रहे हैं.
सुजीत सिन्हा गिरोह: पत्नी ने संभाली कमान
कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी ने गिरोह की जिम्मेदारी संभाल ली. जांच में पता चला है कि वह नए युवाओं को पैसों का लालच देकर गिरोह से जोड़ रही थी. साथ ही कई महिलाओं को नेटवर्क में शामिल किया गया, जिनका काम अवैध हथियारों को दूसरे राज्यों से झारखंड तक सुरक्षित पहुंचाना था.
राहुल दुबे गिरोह: महिला के घर से हथियार बरामद
राहुल दुबे गिरोह में भी महिलाओं की भूमिका सामने आई है.19 जनवरी को पुलिस ने गिरोह के एक पुरुष सदस्य और उसकी महिला सहयोगी को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान महिला के घर की अलमारी से बड़ी संख्या में हथियार, मैगजीन और पिस्टल बरामद की गईं. पुलिस का कहना है कि अपराधी हथियार छिपाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि उनके घरों पर शक कम होता है.
अमन साहू गिरोह: फंडिंग और फायरिंग तक में शामिल महिला
मारे गए गैंगस्टर अमन साहू के गिरोह में एक महिला की अहम भूमिका थी. वह गिरोह के लिए हथियारों की व्यवस्था करने के साथ-साथ रंगदारी से आने वाले पैसों का पूरा हिसाब भी संभालती थी. जांच में यह भी सामने आया कि एक कारोबारी के घर हुई फायरिंग के समय वह खुद मौके पर मौजूद थी. बाद में झारखंड एटीएस और छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.
बड़ा ऑपरेशन, कई गिरफ्तार
अक्टूबर 2025 में पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत महिला मास्टरमाइंड समेत कई अपराधियों को पकड़ा. इनके पास से पिस्टल, बड़ी मात्रा में कारतूस और वाहन बरामद किए गए.
पुलिस की बढ़ी चिंता
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोहों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती है. अब पुलिस और एटीएस महिला नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और हथियारों की सप्लाई पर खास नजर रख रही हैं.