गांधीगिरी से दिया गया सुरक्षा का संदेश
इस अभियान की खास बात यह रही कि यहाँ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती के बजाय गांधीगिरी का रास्ता अपनाया गया। ट्रैफिक पुलिस और कंपनी प्रतिनिधियों ने यातायात नियमों का पालन करने वाले अनुशासित चालकों को फूल और मिठाई देकर प्रोत्साहित किया। वहीं, बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले चालकों को गुलाब का फूल भेंट कर बड़े ही सम्मान के साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहने की अपील की गई।
प्रशासन और कंपनी का साझा प्रयास
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा, "हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह ट्रैफिक नियमों का पालन करे। एक छोटी सी लापरवाही न केवल चालक, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी घातक हो सकती है।
कंपनी प्रतिनिधियों ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षा का संदेश केवल फैक्ट्रियों या कार्यस्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे आम जनता के बीच ले जाना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से स्थानीय पुलिस के परामर्श पर इस संयुक्त अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।
नागरिकों से विशेष अपील
अभियान के अंत में नागरिकों से एक सड़क, एक परिवार की भावना अपनाने का आह्वान किया गया। टीम ने प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मार्क हेलमेट का प्रयोग करें। कार चलाते समय सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाएं शराब पीकर वाहन न चलाएं, यह स्वयं और दूसरों के लिए जानलेवा है।
जागरूक करने का संकल्प
इस नेक पहल को सफल बनाने में कंपनी की ओर से संजीव झा, मोहम्मद सीरज, आशीष कुमार सिंह, सोनी सिंह, निरुपम, मोती, एकलाख आरिफ और अरमान सहित कई कर्मचारियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भविष्य में भी समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।